बागपत। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित व्यापक मोतियाबिंद स्क्रीनिंग अभियान के अंतर्गत जिले के गांवों व कस्बों में चलाए गए विशेष जागरूकता एवं जांच अभियानों के माध्यम से एक 1,100 से अधिक व्यक्तियों को मोतियाबिंद सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया है। वर्तमान में 210 सफल सर्जरी की जा चुकी हैं तथा शेष सर्जरी जिला अस्पताल बागपत , एडीके जैन नेत्र हॉस्पिटल, प्रमोद नेत्रालय एवं आनंद हॉस्पिटल में निरंतर जारी हैं। सभी सर्जरी एवं संबंधित उपचार पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं।
*मोतियाबिंद की पहचान का महत्व*
मोतियाबिंद वृद्धजनों में रोके जा सकने वाले अंधत्व का एक प्रमुख कारण है। इसकी समय पर पहचान अत्यंत आवश्यक है क्योंकि,समय पर सर्जरी से दृष्टि पूरी तरह वापस लाई जा सकती है। इससे रोके जा सकने वाले अंधत्व एवं विकलांगता से बचाव होता है, साथ ही जीवन की गुणवत्ता एवं आत्मनिर्भरता में सुधार होता है और परिवारों पर देखभाल एवं आर्थिक बोझ कम होता है।इस सक्रिय स्क्रीनिंग अभियान के माध्यम से जनपद प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि, प्रभावितों की समय रहते पहचान कर उन्हें शीघ्र उपचार से जोड़ा जाए।
*सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा का उत्कृष्ट मॉडल*
यद्यपि मोतियाबिंद स्क्रीनिंग राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा है, किंतु जिला स्तर पर इस प्रकार का व्यापक, जनसंख्या-आधारित स्क्रीनिंग अभियान एवं उसके साथ सुनिश्चित निःशुल्क उपचार की व्यवस्था दुर्लभ है। बागपत का यह अभियान जिलाधिकारी अस्मिता लाल की विशेष रुचि तथा व्यापक स्तर, समावेशिता एवं प्रभावी क्रियान्वयन के कारण एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में उभरकर सामने आया है। जिला प्रशासन की सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता अन्य जनपदों के लिए प्रेरक एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध हो सकती है।
स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |







