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ममतामयी माँ अमृता ने बिजली के तारों व करेंट की चिंगारी की परवाह किये बिना बचाई बेटे की जान

बागपत। माँ की ममता की जीती जागती मिसाल बनी निवाडा गाँव की अमृता, जिसने बिजली लाइन के तारों में लटके बेटे और बिजली की चिंगारी की परवाह किये बिना झट से कूदकर उसे बचा लिया। फिलहाल करेंट से झुलसे बेटे और ममतामयी माँ अमृता अस्पताल में उपचार कराया गया। निवाडा गाँव की अमृता अपनी जान की परवाह किए बिना, बिजली के तारों में लटके अपने चार वर्षीय बेटे को बचाने में उस समय आगे आकर अपनी हिम्मत और ममता का उदाहरण बन गयी ,जब उनका 4 साल का बेटा कुश ,उनके पास ही छत पर खेलते रहा था। इसीबीच वह नीचे गिरता हुआ बिजली के तारों में उलझ गया तथा विद्युत लाइन से ब्लास्ट नुमा चिंगारी की आवाज सुन माँ ने तुरंत उस ओर जाकर देखा, तो भयावह दृश्य से बेटे के साथ हो रही अनहोनी को हराने के लिए तथा बेटे को बचाने के लिए उस ओर कूद पडी,जहां बेटा कुश लटक रहा था। इस दौरान माँ ने बेटे को बचा लिया, लेकिन माँ व बेटा गली के बीचोबीच गिरकर घायल हो गये। वहीं समय रहते उपचार मिलने से अनहोनी टल गयी और ममतामयी माँ जीत गई।

निवाड़ा गांव निवासी अमृता सुबह करीब 11 बजे अपने मकान की छत पर काम कर रही थीं, जबकि उनका 4 साल का बेटा कुश पास में ही खेल रहा था।खेलते समय कुश का अचानक ही छत से नीचे गिर गया तथा नीचे से गुजर रही बिजली की लाइन में फंस गया व वहीं लटक गया। तारों के आपस में निकट आने से रगड और करंट के तेज धमाके होने लगे, जिसे सुनकर अमृता दौड़ी और छत के किनारे पहुंची।

माँ अमृता ने बेटे को तारों में लटका देखा, तो उन्होंने बिना देरी किए तथा अपनी जान की परवाह किए बिना, बिजली के तारों की ओर छलांग लगा दी। तारों से छूटने के बाद मां और बेटा दोनों नीचे गली में जा गिरे।यह हादसा देख आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे और करंट से झुलसे कुश तथा गिरने से घायल अमृता को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दोनों का इलाज किया तथा हालत में सुधार होने के बाद घर भेज दिया गया।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

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