बिहार। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण कर लिया और जल्द ही सीएम की कुर्सी भी छोड़ देंगे। तेजस्वी ने कहा कि अगर उनकी यही ईच्छा होती तो वह चुनाव से पहले भी बोल सकते थे। अचानक से सीएम की शपथ लेने के बाद तो उनकी ईच्छा नहीं जगी होगी। ये तो उनकी ईच्छा थी ही नहीं, ये तो उनके ऊपर थोपा गया है। वो क्या करते हैं नहीं करते हैं लेकिन असली सवाल है कि बिहार की स्थिति क्या है। बिहार की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। कानून व्यवस्था हो, चिकित्सा हो या शिक्षा हो, पलायन हो या महंगाई का मुद्दा हो लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि गैस की किल्लत की वजह से बड़ी संख्या में बाहर काम करने वाले मजदूर बिहार लौट रहे हैं। उनके लिए बिहार की सरकार ने किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं की है। इसपर कोई चर्चा भी नहीं हो रही है। इन लोगों का तो बस काम ही है कि भाड़ में जाए बिहार लेकिन अपनी कुर्सी पर बने रहे। ये लोग काम करने वाले थोड़े ही ना है, ये लोग बिहार को बदनाम और बर्बाद करने का काम कर रहे हैं।
अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, उसे जनता का मैनडेट है, तेजस्वी ने कहा कि जनता जिसको चाहती है, वह मुख्यमंत्री बन ही नहीं रहा है और वैसे नेता को सीएम बनाया जा रहा है जिसे जनता का मैनडेट ही नहीं मिला है। अब जो भी सीएम बनेगा लेकिन दिल्ली से सरकार चलेगी। समझा जा सकता है कि नीतीश कुमार को बोलने से रोका जा रहा है तो उनके ऊपर कितना दबाव होगा। मुख्यमंत्री भाषण देते हैं तो लाइन काट दिया जाता है। सीएम सदन में बोल रहे होते हैं और सदन को स्थगित कर दिया जाता है। नीतीश कुमार को सिर्फ अपमानित किए जाने का काम हो रहा है। राज्यसभा सांसद के तौर पर उनके शपथ ग्रहण पर तेजस्वी यादव ने तंज किया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि ऐसा कौन सा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले लिए हैं नीतीश कुमार? हम तो पहले भी कह रहे थे कि यह सिर्फ औपचारिकता है और ना चाहते हुए भी वह कर रहे हैं। नीतीश कुमार पर दबाव तो हैं ही। चुनाव में हमने पहले ही कहा था कि चुनाव जीतने के बाद उन्हें सीएम की कुर्सी पर नहीं रहने दिया जाएगा। उस समय एनडीए के नेता बोलते थे कि 25 से 30 फिर से नीतीश, तो उनलोगों ने झूठ बोला।







