वृंदावन। जनसेवा केंद्र संचालक को सुदामा कुटी के मैनेजर से उधार की रकम का तगादा करना भारी पड़ गया। मैनेजर ने उधारी की रकम 2.50 लाख रुपये जनसेवा केंद्र संचालक के खाते में भेज दिए, लेकिन उनका बैंक खाता फ्रीज हो गया। कोर्ट के आदेश पर साइबर थाने में मैनेजर सहित दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वृंदावन के गोपीनाथ बाजार निवासी आकाश शर्मा ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि पश्चिम बंगाल निवासी सागर पाल सुदामा कुटी में मैनेजर थे। वह रकम ट्रांसफर कराने के लिए अक्सर उनके पास आते थे। 11 दिसंबर, 2024 को मैनेजर के साथी शुभम राजेश जाधव ने 2.50 लाख रुपये किसी के बैंक खाते में ट्रांसफर कराए थे और बाद में रकम देने का आश्वासन दिया था।
आकाश ने तगादा किया तो मैनेजर व उसके साथी ने टालमटोल करने लगा। इस पर मैनेजर की शिकायत आश्रम के अधिकारियों से की। दबाव बनाने पर मैनेजर ने अपने साथी से उनकी रकम खाते में भेज दी। कुछ समय बाद उनका बैंक खाता फ्रीज हो गया। उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि उनका बैंक खाता बिहार की पुलिस से फ्रीज कराया है। आरोप है कि बिहार पुलिस से फर्जी शिकायत करके मैनेजर व उसके साथी ने उनका बैंक खाता फ्रीज कराया है। एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।
डीगगेट के निकट बद्रीनगर निवासी नदीम मछली का कारोबार करते हैं। थोक में मछली बेचने के लिए उन्होंने गुजरात के व्यापारियों से ऑनलाइन माध्यम से संपर्क किया। वह गुजरात के व्यापारियों के जाल में फंस गए। थोक में मछली सप्लाई करने का आश्वासन देकर गुजरात के व्यापारियों ने 2.15 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद पीड़ित का फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ित ने सूरत के सुभाष गार्डन के निकट भागल चार निवासी राजेश अग्रवाल व याकूब खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।







