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हिंदुओं को जात पात से ऊपर उठकर एक होने की जरूरत: महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत

नई दिल्ली। सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रचेतना के संरक्षण व व्यापक जागरण के संकल्प के साथ विश्व हिन्दू महासंघ के तत्वावधान में दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में भव्य सनातन हिन्दू महोत्सव का सफल एवं गरिमामयी आयोजन सम्पन्न हुआ। महोत्सव में देशभर से पधारे संत-महात्माओं, धर्माचार्यों, सामाजिक संगठनों तथा बड़ी संख्या में सनातन धर्मप्रेमी नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। विश्व हिन्दू महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालका पीठाधीश्वर महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा – संपूर्ण हिंदुओं को जात पात से ऊपर उठकर एक होने पर दृढ़ता से एक होने की जरूरत है।
महंत सुरेन्द्रनाथ अवधूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह महोत्सव सनातन परंपराओं, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सशक्त और ऐतिहासिक पहल है, जिसका उद्देश्य धर्म, संस्कृति और राष्ट्रबोध के प्रति जन-जागरण को और अधिक व्यापक बनाना है। महोत्सव को अनेक प्रतिष्ठित संत-महात्माओं का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। प्रमुख रूप से सभा की अध्यक्षता अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉक्टर महंत रविंद्र पुरी जी ने की
आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालनकानंद गिरी, जगतगुरु कुमार स्वामी जी महाराज, महामंडलेश्वर नारायण गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर नवल किशोर दास जी, महामंडलेश्वर कंचन गिरी जी महाराज तथा महामंडलेश्वर जलेश्वरानंद गिरि जी महाराज, की उपस्थिति ने कार्यक्रम की आध्यात्मिक गरिमा को और ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से भी कई विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए। इनमें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जी, मनोज तिवारी (सांसद), रमेश बिधूड़ी, टी राजा सिंह तथा डी पी यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त आदरणीय बड़े दिनेश जी (अंतरराष्ट्रीय संरक्षक, एवं अस्मिता भंडारी (अंतरराष्ट्रीय अध्यक्षा) की सहभागिता भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। महोत्सव के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। विशेष रूप से इंदौर से पधारे श्री सत्यनारायण मौर्य बाबाजी की प्रस्तुति को उपस्थित जनसमूह ने भरपूर सराहा।
विश्व हिन्दू महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष योगी तेज पाल सिंह ने बताया कि आयोजन की सफलता के लिए महासंघ के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी पूर्ण समर्पण, अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता के साथ कार्यरत रहे। उन्होंने महोत्सव में सहभागिता के लिए सभी सनातन बंधुओं और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। समग्र रूप से यह महोत्सव सनातन मूल्यों, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रचेतना के संदेश को सशक्त रूप से जन-जन तक पहुंचाने में सफल रहा।
विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन)।
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