उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया- *जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की स्थापना 2015 में हुई थी।* एक समाचार पत्र में छपा था कि राजस्थान में *विश्वविद्यालय की डिग्रियां फर्जी पाई गई हैं। कुलपति सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र को गिरफ्तार किया गया है।* इसके बाद सरकार ने मामले का संज्ञान लिया।
उच्च शिक्षा विभाग, गृह विभाग की आर्थिक अपराध शाखा और डीएम से जांच कराई गई। सभी जांचों में आरोप सही पाए गए। *इसके बाद विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी गई। जेएस विश्वविद्यालय के दस्तावेज आगरा के डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में रखे जाएंगे।* छात्रों के हित सुरक्षित करने के लिए समिति गठित की गई है। इसमें चार हजार छात्र हैं।







