झुंझुनूं। सर्किट हाउस में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 को लेकर सियासी माहौल गरमा गया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पूर्व सांसद संतोष अहलावत ने बिल के पारित न हो पाने का पूरा ठीकरा विपक्षी दलों पर फोड़ते हुए तीखा हमला बोला। अहलावत ने कहा कि यदि यह ऐतिहासिक बिल पास हो जाता, तो इसका लाभ केवल भाजपा ही नहीं बल्कि विपक्षी दलों की महिलाओं को भी मिलता, लेकिन विपक्ष की नकारात्मक राजनीति के चलते यह अवसर हाथ से निकल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष नहीं चाहता कि देश की आधी आबादी—महिला वर्ग—को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। झुंझुनूं जिले में ही इसका उदाहरण सामने है, जहां आज जिलाध्यक्ष के पद पर महिला नेतृत्व कर रही है। मुझे भी लोकसभा में भेजने वाली ताकत महिलाओं की ही रही है।” अहलावत ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि इस बिल के गिरने से उनकी मानसिकता उजागर हो गई है। “यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर नहीं है,” उन्होंने कहा।
प्रेस वार्ता में यह भी दावा किया गया कि बिल के गिरने से देशभर की महिलाओं में मायूसी और विपक्षी दलों के प्रति नाराज़गी का माहौल है। भाजपा नेताओं ने इसे महिला अधिकारों के साथ “राजनीतिक खिलवाड़” करार दिया। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष हर्षिनी कुलहरि ने भी कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है और उनका राजनीतिक स्तर लगातार गिरता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देशहित में आने वाले हर महत्वपूर्ण बिल का विपक्ष द्वारा विरोध किया जाता है।
कुलहरि ने कहा कि यदि यह बिल पारित हो जाता, तो देशभर की महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिलता और उन्हें हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर कदम से कदम मिलाकर चलने का अवसर प्राप्त होता।
इस मौके पर प्रदेश महामंत्री महिला मोर्चा अरुणा सिहाग, किरण चौधरी, लोकेश मील, रवि लाम्बा (नगर महामंत्री), दीपक स्वामी (ओबीसी मोर्चा नगर अध्यक्ष), ललित जोशी (जिला मीडिया प्रभारी) सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं महिला शक्ति उपस्थित रही।
राजस्थान-रिपोर्टर,(सुरेश सैनी)।







