मथुरा। डीग जिले में पकड़े गए अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना शकील नकली ईंटें तैयार करने के लिए मथुरा जिले के एक सुनार के संपर्क में था। बार्डर क्षेत्र के गांवों के कई युवक भी उसके गिरोह से जुड़े हैं। राजस्थान पुलिस अब सुनार को पकड़ने के लिए से जांच तेज करने की तैयारी में है। पकड़ा गए छठवीं फेल सरगना 10 वर्ष में 10 करोड़ की ठगी कर चुका है। राजस्थान के डीग जिले के धरहरा पुलिस ने पीतल की ईंटों को सोने की बताकर लोगों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना शकील को गिरफ्तार किया है। उसने 10 वर्ष में 100 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाया और करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी की।
पूछताछ में उसने बताया कि वह पीतल की ईंट को सोने जैसा बनवाने के लिए मथुरा के सुनार से संपर्क करता था। इन ईंटों को खास तरीके से तैयार कराया जाता। इससे वे असली सोने जैसी दिखें। आरोपी खुद को जेसीबी ऑपरेटर बनाकर कहानी गढ़ता था कि खुदाई के दौरान उसे सोने की ईंटें मिली हैं। फिर सस्ते दाम का लालच देकर लोगों को फंसाता था। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में जाकर सैंपल दिखाया और सौदा पक्का करते थे। राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश तक फैले इस नेटवर्क में हर सदस्य की भूमिका तय थी। सोने की ईंट के नाम पर देशभर में लोगों को ठगने वाले गिरोह का मथुरा कनेक्शन भी सामने आया है।
कोई शिकार तलाशता तो कोई मौके पर जाकर डील फाइनल करता।प्रशिक्षु आरपीएस नरेश कुमार चनेजा ने बताया कि आरोपित पुलिस को घुमाने के लिए कई बातें झूठ भी बोलते हैं। फिर भी उसके द्वारा बताए गए मथुरा के उस सुनार की भूमिका की भी जांच की जा सकती है, जिसने इन नकली ईंटों को तैयार किया। यदि उसकी संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई तय है। पकड़े गए सरगना ने ठगी के पैसों से आलीशान जिंदगी खड़ी की है। गांव में करोड़ों की आधुनिक कोठी, अलवर में प्लांट और लग्जरी सैलून इसका हिस्सा हैं। पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
मथुरा-ब्यूरो चीफ, (अजय कुमार)।







