HomeBreaking Newsनारी शक्ति वंदन अधिनियम'21वीं सदी का एक महत्वपूर्ण कदम: पीएम मोदी

नारी शक्ति वंदन अधिनियम’21वीं सदी का एक महत्वपूर्ण कदम: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 13 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में पेश किए गए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को 21वीं सदी का एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम को सभी दलों ने सर्वसम्मति से पारित किया, जो महिला सशक्तिकरण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कानून दशकों से महसूस की जा रही महिलाओं के लिए लोकतांत्रिक ढांचों में आरक्षण की आवश्यकता को पूरा करता है।
पीएम मोदी ने कहा कि सभी दलों ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया और विपक्ष ने खास तौर पर 2029 तक महिला आरक्षण कानून लागू करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे में महिलाओं को आरक्षण देने की आवश्यकता दशकों से महसूस की जाती रही है। उन्होंने कहा कि भारत की ‘नारी शक्ति’ ने देश के विकास में बड़ा योगदान दिया है।
*महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं*
नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि मैं यहां किसी को उपदेश देने या जागरूक करने नहीं, बल्कि देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का लागू होना 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। हमारे देश में पंचायती राज संस्थाएं महिलाओं के नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
*इस कानून से सामाजिक न्याय केवल नारा नहीं रहेगा*
प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सम्मेलनों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का पारित होना भारत के लिए एक ऐसे समतावादी राष्ट्र के निर्माण का संकल्प है, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का एक स्वाभाविक हिस्सा है। उन्होंने जोर दिया कि यह अधिनियम भारत की ‘नारी शक्ति’ के अमूल्य योगदानों को स्वीकार करता है।
*महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से जवाबदेही होती है सुनिश्चित*
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस संशोधन विधेयक को संवाद, सहयोग और भागीदारी के माध्यम से पारित कराना सरकार का प्रयास और प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में बढ़ी हुई भागीदारी से प्रणालियों के भीतर अधिक संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।
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