मथुरा। महिलाओं में ल्यूपस की समस्या तेजी से बढ़ रही है। जिला और महिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 90 महिलाएं इस बीमारी के उपचार के लिए पहुंच रही हैं। 20 से 45 वर्ष की यह महिलाएं जिला और महिला अस्पताल की ओपीडी में जोड़ों में दर्द, सूजन, अत्यधिक थकान, त्वचा पर लाल चकत्ते और बाल झड़ने जैसी शिकायतों लेकर पहुंच रही हैं। कई मामलों में यह बीमारी शरीर के अन्य अंगों जैसे किडनी, हृदय और फेफड़ों को भी प्रभावित कर रही है। सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि ल्यूपस में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही ऊतकों और अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती है। यह बीमारी लंबे समय तक चलती है और पूरी तरह से ठीक नहीं होती, सही समय पर पहचान और इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
महिला अस्पताल की डॉ. कृष्णा शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं इसके कारण शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं। इससे बीमारी गंभीर अवस्था में पहुंच जाती है। अगर समय रहते जांच कर ली जाए तो मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। इसके लिए खून की जांच, यूरिन टेस्ट और अन्य आवश्यक परीक्षण किए जाते हैं। इलाज में दवाएं, संतुलित आहार, पर्याप्त आराम और तनाव से बचाव महत्वपूर्ण है।







