मथुरा। यूपी बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अनियमितताएं सामने आई हैं। समय पर कार्य पूरा करने के चलते परीक्षकों से निर्धारित सीमा से अधिक कॉपियां जांच रहे हैं। इससे मूल्यांकन की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। नियमानुसार एक परीक्षक एक दिन में कक्षा 12 की अधिकतम 45 और कक्षा 10 की अधिकतम 50 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकता है। इसके बावजूद मथुरा के केआर इंटर कॉलेज में कक्षा 12 के परीक्षकों से एक दिन में 78 तक कॉपियां जंचवाई जा रही हैं।
रविवार को केंद्र पर कुल 868 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, मौके पर मात्र 413 ही उपस्थित हुए। वहीं एक ही दिन में 32,452 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर लिया गया।
इतनी बड़ी संख्या में कॉपियों के मूल्यांकन ने प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जब कॉपियों की संख्या ज्यादा होती है तो उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर परीक्षकों से अतिरिक्त कार्य कराया जाता है।







