मथुरा। परिवहन निगम ने नोएडा, लखनऊ, हरिद्वार और अयोध्या के लिए 8 एसी बसों का संचालन शुरू किया है। इसी साल पांच जनवरी से शुरू की गईं इन बसों को उम्मीद के मुताबिक यात्री नहीं मिल पा रहे हैं, जबकि बसों के संचालन में खासी धनराशि व्यय हो रही है। लोड फैक्टर के कम रहने के कारण परिवहन निगम इन बसों से कमाई के मामले में पीछे चल रहा है। यात्रियों के लिए नोएडा, लखनऊ, हरिद्वार और अयोध्या आदि स्थानों के लिए दो-दो एसी बसों को चलाया गया था। प्रत्येक बस में 42 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि मथुरा में जिस तरह से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, उससे उम्मीद थी कि इन बसों में सीटें पहले ही बुक हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। अभी तक बसों की कमाई का आंकड़ा लाभ वाले आंकड़े में नहीं पहुंचा है।
औसतन 30 यात्री ही मिल पा रहे हैं। हालांकि परिवहन निगम के अफसरों का कहना है कि गर्मी में लोड फैक्टर बढ़ने की उम्मीद है। एआरएम मदन मोहन शर्मा ने बताया कि इन सभी आठ बसों से अपेक्षाकृत कम राजस्व मिला है। अयोध्या के लिए यात्रियों की संख्या बहुत कम है। अयोध्या वाली बस में अधिकांश यात्री केवल लखनऊ तक यात्रा कर रहे हैं। एक बस को चलाने के लिए कम से कम 35 यात्रियों से लगभग खर्चा पूरा हो पाता है। लंबी दूरी की बसों को दो चालकों को भेजा जाता है। सर्दियों के दिनों में कम यात्री मिलें है। अब मौसम एकदम साफ हो चुका है।
इसमें अच्छा राजस्व मिलने की उम्मीद है। एआरएम मदन मोहन शर्मा ने बताया कि चार चालक पूर्व में जेनर्म की बसों पर काम कर चुके हैं। उन्हें अच्छा अनुभव है। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर आए आठ और चालक मिलें हैं। वहीं उन्होंने बताया कि होली से पहले ही परिचालकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिससे होली और रंगोत्सव पर बसों के संचालन कोई समस्या न आए।







