मथुरा। पुलिस ने जिले के हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कराया। कोई टेंट हाउस चलाता मिला तो किसी ने चाय की दुकान खोल रखी थी, जबकि कई रोजी-रोटी के लिए अपने परिजन पर निर्भर थे। सबसे ज्यादा हिस्ट्रीशीटरों की तलाश शेरगढ़ थाने की पुलिस ने की। 35 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन किया। एसपी क्राइम अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देश पर 15 दिन का अभियान चलाया गया। इस दौरान कई हिस्ट्रीशीटर जेल में निरुद्ध मिले तो कई जरायम की दुनिया को अलविदा कह चुके हैं और अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए विभिन्न काम करने लगे हैं।
एसपी क्राइम ने बताया कि जिले में 147 हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों का पता नहीं चल पा रहा था। यह लापता थे। इनकी तलाश करवाई गई। इस दौरान कई दूसरे जिलों की जेलों में निरुद्ध मिले तो कई अपने घरों पर ही मिल गए। कुछेक जिला छोड़कर दूसरे स्थानों पर रहने लगे हैं। इस तरह 147 में से 66 को तलाश लिया गया। इनमें सबसे ज्यादा 35 हिस्ट्रीशीटर अपराधियों को थाना शेरगढ़ पुलिस ने खोज निकाला। इनमें से पांच हिस्ट्रीशीटर करीब दस साल से लापता चल रहे थे, लेकिन उन्हें खोज निकाला गया है।
शेरगढ़ 35
हाईवे 08
गोविंद नगर 05
छाता 05
कोतवाली 02
जमुनापार 02
कोसीकलां 03
बरसाना 04
वृंदावन 01
राया 01







