HomeStateRajasthanकाव्य के नवरस से युक्त था भरतमुनि का कृतित्व व्यक्तित्व - गुप्ता

काव्य के नवरस से युक्त था भरतमुनि का कृतित्व व्यक्तित्व – गुप्ता

बाड़मेर : स्थानीय चारभुजा मन्दिर बाड़मेर के प्रागंण में प्रान्तीय उपाध्यक्ष चन्द्र प्रसाद गुप्ता ‘चन्द्र’ के मुख्य आतिथ्य में, जिलाध्यक्ष डॉ गोरधनसिंह सोढा ‘जहरीला’ की अध्यक्षता में और लूणकरण नाहटा के विशिष्ट आतिथ्य में तथा संचालन जिला संगठन मंत्री राणाराम गोयल ‘अभि’ द्वारा किया गया । अभि गोयल ने बताया कि जिलाध्यक्ष जहरीला के स्वागत भाषण उपरांत साहित्य प्रमुख श्रीमती नीलम जैन ‘नीलजीत’ ने नाट्य कला के जनक भरतमुनि को प्रणाम करते हुए अपने विचारों में कहा कि युगों पहले उन्होंने नाट्य व साहित्य को जिन्दा रखा, राजेन्द्र रामावत ने भरतमुनि को समाज का प्रेरक बताया, विशिष्ट अतिथि लूणकरण नाहटा ने कहा कि संस्कार भारती पौराणिक भारत को लोगों के सामने ला रही है, वहीं मुख्य अतिथि चन्द्रप्रसाद गुप्ता ‘चन्द्र’ ने कहा कि काव्य के नवरस से युक्त था
भरतमुनि का कृतित्व व्यक्तित्व और अभि गोयल ने नाट्य प्रणेता भरतमुनि जंयती के उपलक्ष्य में “उम्र पच्चास वर्ष” नाटिका पेश कर वाह वाही लूटी अंत में जिलाध्यक्ष जहरीला ने कहा कि नाट्य प्रणेता भरतमुनि पहले नाट्यकार व साहित्यकार थे कहते हुए सबका आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया इस समारोह में जिला कोषाध्यक्ष रेखराज सोनी, पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र रामावत आजाद चौक ईकाई, जिला मंत्री सूरजमल सोनी, आदि कंई महिला पुरुष उपस्थित रहे।
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