मथुरा। नंदगांव में विश्व प्रसिद्ध नंदबाबा मंदिर में फाल्गुन मास का शुभारंभ हो गया। वसंत की समाज के उपरांत मंदिर प्रांगण में शाम से परंपरागत होरी-धमार गायन की शुरुआत हो गई। ठाकुर श्रीकृष्ण के आंगन में रंग, रस और राग की अद्भुत छटा बिखरने लगी है। वसंत पंचमी से शयन आरती के समय गोस्वामीजन द्वारा समाज गायन किया जा रहा था। पड़वा से फाल्गुन मास लगते ही धमारों का क्रम शुरू हो गया है। सेवायत रमेश गोस्वामी ने बताया कि इस अवधि में रंगन रंगिलौ बहु रंगन रंगिलौ और गोरी आयो फागुन मास, खेल तू रसिया ते होरी जैसे पारंपरिक धमार समाज में गाए।
श्री विग्रहों को अबीर-गुलाल अर्पित कर होली खिलाई। ढप, मृदंग, झांझ और मंजीरा की मधुर धुनों पर रसिक कवियों के पद खेलत फाग परस्पर हिलमिल और ब्रज में कैसी धूम मचाई गूंजने लगे हैं। टेसू के फूलों के रंग बरसने के साथ वातावरण भक्तिमय हो उठा है। वहीं नंदगांव-बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठमार होली की तैयारियां जोरों पर हैं। बरसाना में 25 फरवरी को तथा नंदगांव में 26 फरवरी को लठामार होली का आयोजन होगा।







