मथुरा। गंगाजल की मुख्य पाइपलाइन की शिफ्टिंग का कार्य मंगलवार से शुरू हो गया। इसके कारण एक तिहाई क्षेत्र में गंगाजल की आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही। हजारों लोग गंगाजल को तरस गए। जलकल द्वारा शाम तक टैंकरों से पानी की आपूर्ति कराई। पीने का पानी लोगों को बाजार से खरीदना पड़ गया। इसके कारण लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ गया। गंगाजल का संकट चार दिन और रहेगा। 31 जनवरी तक चलेगा गंगाजल की मुख्य लाइन शिफ्टिंग का कार्य। नगर निगम के 21 वार्ड में 25 एमएलडी गंगाजल की आपूर्ति होती है। शेष वार्ड में नलकूपों के पानी से सीधे आपूर्ति की जाती है। रेलवे की नई लाइन डालने का कार्य कराया जा रहा है। इसके कारण भूतेश्वर और नए बस स्टैंड से गुजर रही गंगाजल की मुख्य पाइपलाइन को शिफ्ट किए जाने का कार्य होना है। निगम ने बीते दिनों नए बस स्टैंड पर लाइन शिफ्ट का कार्य करा लिया है।
मंगलवार से भूतेश्वर पर लाइन शिफ्टिंग का कार्य शुरू कराया गया है। ये कार्य 31 जनवरी तक चलेगा। इसके कारण इस समयावधि में गंगाजल की आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। मंगलवार को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से आपूर्ति को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके कारण संबंधित 21 वार्ड में गंगाजल की आपूर्ति पूरी तरह बंद रही। 21 वार्डों में गंगाजल की आपूर्ति रही पूरी तरह बंद, बाजार से खरीदा पानी सुबह गंगाजल न मिलने पर जलकल अधिकारियों के फोन घनघनाने लगे। जलकल द्वारा 40 टैंकरों के जरिए जलापूर्ति करना शुरू कर दिया। देर शाम तक टैंकर शहर में दौड़ते रहे। जिन इलाकों में गंगाजल व नलकूपों के पानी की लाइन बिछी हैं, उनमें नलकूपों से आपूर्ति की गई। मथुरा। गंगाजल की मुख्य लाइन शिफ्ट करने के कारण 21 वार्ड में जलापूर्ति पूरी तरह बंद रही। ये संकट चार दिन और रहेगा। एक फरवरी से गंगाजल की आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।
सुबह से देर शाम तक जलकल विभाग द्वारा टैंकरों से पानी की आपूर्ति की गई। दिनभर टैंकर हांफते रहे। हालांकि इसको लेकर जलकल ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। नलकूपों का पानी पीने योग्य नहीं है। इसके कारण गंगाजल से प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने पीने के लिए बाजार से पानी खरीदा। 10 रुपये से लेकर 20 रुपये प्रति बोतल पानी खरीदा। वहीं गरीब वर्ग के लोगों ने इधर-उधर से पेयजल की जुगाड़ की। लोग दूरदराज से पानी को लाते दिखाई दिए।







