बागपत। महिलाओं की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान व उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से “महिला आयोग आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत विकास भवन सभागार में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर द्वारा विस्तृत महिला जनसुनवाई की गई। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई पीड़िताओं ने अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 41 प्रकरण उनके समक्ष आए, जिनमें 33 प्रकरण पूर्व से पंजीकृत थे, जबकि शेष नए मामलों को मौके पर पंजीकृत करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। सुनवाई में पारिवारिक विवाद, पति-पत्नी के बीच मतभेद, परित्याग, बच्चों की अभिरक्षा, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा से जुड़े मुद्दे व विभिन्न विभागों द्वारा अपेक्षित सहयोग न मिलने जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। उन्होंने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ,प्रत्येक प्रकरण की संवेदनशीलता के साथ सुनवाई की जाए तथा पीड़ित महिलाओं की काउंसलिंग कराते हुए न्यायोचित एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। कहा कि, महिला सम्मान और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, अतः किसी भी पीड़िता को न्याय से वंचित न रहने दिया जाए।
इस दौरान अध्यक्षा श्रीमती रहाटकर ने विशेष रूप से उन मामलों पर चिंता व्यक्त की, जिनमें पति द्वारा पत्नी को छोड़ दिया गया है तथा बच्चों की अभिरक्षा को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है। उन्होंने निर्देश दिए कि, ऐसे मामलों में बच्चों के हित को सर्वोपरि रखते हुए शीघ्र निर्णय सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों की शिक्षा बाधित न होने पाए। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि, महिलाओं से संबंधित सभी प्रकरणों में गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ जांच की जाए। यदि कोई मामला प्रथम दृष्टया असत्य प्रतीत होता है, तो उसकी भी निष्पक्ष एवं गहन जांच की जाए, जिससे न्याय प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना, मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना तथा शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत बच्चों के निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक रूप से सशक्त बनाना है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर आश्वस्त किया कि, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। कहा कि, जिला प्रशासन महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।जिलाधिकारी ने कहा कि “महिला सशक्तिकरण ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला है। यदि महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो देश भी प्रगति करेगा।
कार्यक्रम के उपरांत कलेक्ट्रेट सभागार में भारत सरकार एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं नीतियों की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निस्तारण तथा लाभार्थियों तक पारदर्शी ढंग से लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर एसपी सूरज कुमार राय, सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एडीएम वित्त व राजस्व विनीत कुमार उपाध्याय, डिप्टी कलेक्टर ज्योति शर्मा, एसडीएम बागपत अमरचंद वर्मा ,परियोजना निदेशक राहुल वर्मा ,बड़ौत पुलिस क्षेत्राधिकारी अंशु जैन ,जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |







