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जनजागरण से निर्णायक चरण की ओर बढ़ता श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन: महेंद्र प्रताप

मथुरा। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन अब एक संगठित जनअभियान के रूप में उभरता नजर आ रहा है। उत्तर, दक्षिण और पश्चिम भारत में व्यापक जनजागरण के बाद तीसरे चरण की रथ यात्रा शनिवार को मथुरा पहुंची, जहां इसे आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। रामेश्वरम से पंढरपुर होते हुए करीब 2000 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंची इस यात्रा ने देशभर में 125 से अधिक स्थानों पर सभाओं के माध्यम से मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। मथुरा पहुंचने पर यात्रा में शामिल संतों और यात्रियों ने सबसे पहले श्री कृष्ण जन्मभूमि स्थल पर दर्शन किए और उसके बाद सलेमपुर रोड स्थित केडीएस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित सभा में भाग लिया। यहां श्री कृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के हिन्दू पक्षकार एवं श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट की अगुवाई में यात्रा का औपचारिक स्वागत किया गया।


सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त भारतीय धर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य राजेश्वर जी महाराज ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक संगठित जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य देश के आमजन तक श्री कृष्ण जन्मभूमि की वास्तविक स्थिति को पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान विभिन्न राज्यों में लोगों का व्यापक समर्थन मिला और अधिकांश लोगों ने मूल गर्भगृह स्थल पर मंदिर निर्माण की आवश्यकता पर सहमति जताई। महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने अपने संबोधन में श्री कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम, मंदिर ध्वंस और वर्तमान न्यायिक प्रक्रिया का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन अब केवल एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर संवाद का विषय बन चुका है। साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि आगामी समय में इस जनसमर्थन को संगठित दिशा देने के लिए रणनीति और तेज की जाएगी।

चिंतामणि कुंज, वृंदावन के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ. आदित्यानंद जी महाराज ने यात्राओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और इससे आंदोलन को व्यापक आधार मिलता है। पद्मश्री डॉ. लक्ष्मी गौतम ने नारी शक्ति की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाओं को इस विषय की जानकारी परिवार के प्रत्येक सदस्य तक पहुंचानी चाहिए, जिससे सामाजिक स्तर पर जागरूकता और मजबूत हो।

संत श्यामानंद जी महाराज ने इसे दीर्घकालिक प्रयास बताते हुए कहा कि यह आंदोलन निरंतर जनसहयोग से आगे बढ़ रहा है। वहीं हिमालय क्षेत्र से आए संत गणेश दत्त जी महाराज ने विश्वास जताया कि लक्ष्य अब दूर नहीं है। मथुरा होटल एसोसिएशन के सचिव आर.बी. चौधरी ने भी एकजुटता को आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बताया। कार्यक्रम के अंत में कुंवर दामोदर सिंह ने यात्रा में शामिल सभी संतों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और आंदोलन की सफलता की कामना की। इस अवसर पर पंडित नंदकिशोर दयालपुरा, त्रिकाल स्वामी भूपेश चौबीसा, डॉ. लता शर्मा, वंदना शर्मा, प्रदीप जैन सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, संत-समाज के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मथुरा, रिपोर्टर-(मनोज चौधरी)।

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