मथुरा। छाता कोतवाली क्षेत्र के गांव सिमरिया में 25 वर्षीय किसान योगेश ने जहर खाकर लिया। गांव रनवारी निवासी लोकेश जादौन ने बताया कि उनका साला योगेश (25) पुत्र धर्मी परिवार का एकमात्र सहारा था। कुछ वर्ष पूर्व पिता की मृत्यु के बाद पूरे घर की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। योगेश ने इस उम्मीद में कर्ज लेकर फसल की थी कि पैदावार अच्छी होने पर अपने परिवार के लिए पक्का मकान बनवाएगा। इसी आस में उसने अपने पुराने मकान को भी तुड़वा दिया था। उधर, ग्राम प्रधान ओमप्रकाश का कहना है कि ओलों और बारिश के कारण योगेश खेत में खड़ी फसल बर्बाद हो गई थी। इसे देखकर वह सदमे में था। पहले से आर्थिक तंगी और अब कर्जदारों के दबाव के चलते योगेश ने जहर खा लिया।
योगेश की मौत के बाद उसकी पत्नी और दो बच्चों (बेटा और बेटी) का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजन का कहना है कि फसल के बर्बाद होने और कर्ज में डूबने के कारण युवक ने आत्मघाती कदम उठाया है। तहसीलदार छाता ने बताया है कि युवक ने गृहक्लेश के चलते आत्महत्या की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजन के सुपुर्द कर दिया। सीओ छाता भूषण वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विषैला पदार्थ खाने से मौत होना आया है। मामले की जांच कराई जा रही है। उधर, तहसीलदार छाता सचिन पवार का कहना है कि किसान ने गृहक्लेश के चलते आत्महत्या की है।







