मथुरा। शिवभक्तों के जत्थे जब शहर से होकर गुजरे तो हर-हर महादेव और बम भोले के जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भगवा वस्त्रों में सजे कांवड़िए कंधों पर कांवड़ रखे अनुशासन के साथ आगे बढ़ते नजर आए। इनमें काफी संख्या में महिला कांवड़ियां भी शामिल थीं। कई कांवड़ियों के पैरों में छाले पड़ गए। शिवभक्त बड़ी संख्या में हरिद्वार, सोरों, कछला और राजघाट जैसे पवित्र घाटों से गंगाजल भरकर पहुंचे। शिवभक्तों का यह कारवां लगातार शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरता रहा। धौलीप्याऊ, डेंपियर नगर, कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर, टैंक चौराहा और गोवर्धन चौराहा सहित कई इलाकों में कांवड़ियों की खासी भीड़ देखने को मिली।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में आंशिक बदलाव किया और प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। महाशिवरात्रि के मद्देनजर शहर के प्रमुख शिवालयों में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। खासकर भूतेश्वर, रंगेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य प्राचीन मंदिरों पर जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुयो ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव का पूजन किया। महाशिवरात्रि की धूम सड़कों पर नजर आये दूरदराज से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों की भीड़ दिनभर शहर के प्रमुख मार्गों पर दिखाई दी।
मंदिर समितियों की ओर से दर्शन के लिए अलग-अलग कतारों और बेरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। जगह-जगह सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा कांवड़ियों के स्वागत के लिए शिविर लगाए गए, जहां जलपान, फल और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शहर में भक्ति गीतों और भजनों की धुन पर शिवभक्त झूमते नजर आए, जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया।







