मथुरा। फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में झूला टूटने से बलिदान हुए इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद का शव रविवार को पैतृक गांव लोहवन पहुंचा। उनकी अंतिम बार झलक पाने के लिए गांव वाले उमड़ पड़े। फरीदाबाद के कमिश्नर सतेंद्र गुप्ता समेत आए एक दर्जन पुलिसकर्मियों ने राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। यमुना किनारे पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे गौरव ने शव को मुखाग्नि दी। इस दौरान रिश्तेदार, परिजन, ग्रामीण और आसपास क्षेत्र से सैकड़ों लोग उनकी अंतिम विदाई में शामिल हुए।
इंस्पेक्टर को सभी ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों ने बताया कि जगदीश प्रसाद साहसी, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक माहौल है। फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित मेले में उनकी ड्यूटी लगी थी। शनिवार शाम पांच बजे अचानक झूले का एक हिस्सा टूट गया और झूले में सवार लोगों को बचाते समय जगदीश उसकी चपेट में आ गए। उनकी मौके पर मृत्यु हो गई थी। भाई प्रदीप ने बताया कि पत्नी सुधा शर्मा, दो बेटी निधि व दीप्ति और बेटा गौरव सोनीपत पुलिस लाइन में आवास में रहते हैं।







