मथुरा। बीएसए को जानकारी मिली तो उन्होंने शिक्षिकाओं की अनुमति निरस्त करके एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश जारी कर दिए। अब शिक्षिकाएं परेशान हैं। भारत स्काउट गाइड संस्था के पत्र के आधार पर फरह व मथुरा के खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यभार देख रहे विनय प्रताप ने 31 जनवरी को आदेश जारी किया। इसमें ब्लॉक फरह व मथुरा के विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका गुरु प्यारी सत्संगी, अनीता कुमारी, कमलेश चौहान, माला रानी व सुनीता कुमारी को पंचमढ़ी में 2 फरवरी से होने वाले पांच दिवसीय एडवेंचर प्रोग्राम में प्रतिभाग करने के लिए कार्यमुक्त करने का आदेश किया। शिक्षिका सुनीता कुमारी फरह में एआरपी के पद पर तैनात हैं और इनके ऊपर निपुण आकलन की जिम्मेदारी भी है।
मामला बीएसए रतन कीर्ति के संज्ञान में आने पर उनके द्वारा बीईओ के आदेश को निरस्त कर दिया गया, लेकिन इसकी परवाह न करते हुए शिक्षिकाओं द्वारा विद्यालय में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। खंड शिक्षा अधिकारी ने पांच शिक्षिकाओं को स्काउट गाइड के एडवेंचर कार्यक्रम में पंचमढ़ी में प्रतिभाग करने का आदेश जारी कर दिया, जबकि शिक्षक एसआईआर के साथ ही विद्यालयों के निपुण आकलन में लगे हुए हैं। इस पर बीएसए ने शिक्षिकाओं को नोटिस जारी कर सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा है और एक-एक अस्थायी वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया है।
विनय प्रताप, बीईओ फरह ने कहा, स्काउट गाइड का पत्र बीएसए कार्यालय से आया था, लेकिन उस समय मेरी मां की तबीयत खराब थी। गत दिवस स्वर्गवास हो गया। मानसिक वेदना में होने की वजह से मैं पत्र की भाषा को सही तरीके से नहीं समझ सका था। शिक्षिकाओं को अनुमति निरस्त होने की जानकारी मोबाइल से दी गई, लेकिन तब तक वह ट्रेन में सवार हो चुकी थीं।







